जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आज मुख्यमंत्री निवास पर वन एवं खान विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक का मुख्य उद्देश्य अरावली पर्वत माला के संरक्षण, अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण और पर्यावरण संतुलन को सुदृढ़ करना रहा।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि अरावली पर्वत माला राजस्थान की अमूल्य प्राकृतिक धरोहर है और इसका संरक्षण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि अरावली क्षेत्र में किसी भी स्थिति में अवैध खनन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अरावली क्षेत्र में सघन वृक्षारोपण अभियान चलाने, आधुनिक तकनीक के माध्यम से कड़ी निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मामलों में सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करें।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने यह भी कहा कि अरावली पर्वत श्रृंखला न केवल पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्राकृतिक विरासत भी है। इसके संरक्षण में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में वन एवं खान विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे और उन्होंने मुख्यमंत्री को क्षेत्र में चल रहे संरक्षण कार्यों एवं भावी योजनाओं की जानकारी दी।